मुझे बुरा लगता है
मुझे बुरा लगता जब बच्चों के लिए कोई खिलौना नहीं ला पाते
जब पत्नि कुछ मांगती है पर जेब खाली है
बुरा लगता है
जब अपने मां बाप को कुछ ला कर दे नहीं पाते
बुरा लगता है
जब अपनी बहन के लिए कुछ खरीद नहीं पाते
या जिन्होने हमें तोफे दिया होता है। उन्हें कुछ दे नहीं पाते
क्या करे जिस दिन सैलरी मिलती है
वो दिन ख़त्म होने से पहले एक आम आदमी की सैलरी ख़त्म हो जाती है।
रिश्तेदार कहते है की बड़ा आदमी हो गया है कभी मिलने नहीं आता
पर उन्हें क्या पता
की mind मैं ये चलता है की
कितना खर्च होगा
ये माहिना खत्म होते होते कुछ बचेगा या नहीं।
जब भविष्य में अपने आप को खड़ा देखते हैं तो खाली जेब लिए एक आम आदमी खड़ा दिखता है हर आम आदमी चेहरे पर मुस्कान लिए अपने घर वालों की जरूरतें पूरी करने के बारे मैं सोचता रहता है
बात मायूस होने वाली नहीं है बात है उस आम आदमी को जानने की
मैं हर उस आम आदमी की कहानी सुना रहा हूं। जो अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दौड़ता है
ये जो फटे पुराने कपड़ों मैं जो आम आदमी घूमता है ना
उस आम आदमी को
प्रणाम
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इसी के साथ
जिंदगी जिंदाबाद


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